एक मुंह में दो-चार जेब में भी रखते थे सदा ही जब बिल्कुल उनकी छोटी थी उम्र पान,
युवावस्था में तो संगी साथियों संग बराबर कर और करा थे बड़े ही शौक से धूम्रपान,
एक दिन अचानक से वैद्य जी ने कहा कि आप आ गए हैं जानलेवा बीमारी कैंसर के चपेट में,
वैसे तो जनाब ख्वाहिश रखते थे संगी साथियों संग खाने और खिलाने की ताउम्र पान|
-मनस्व