जब तक जनता सोई हुई है और जब तक जनता देश की नहीं है ठीक से जागी,
जब तक जनता सच्चे तौर पर नहीं हो जाती देश की लोकतंत्र की सहभागी,
सचमुच तब तक यह भ्रष्ट नेता झूठ बेईमानी और चोरी को अपना ईमान बनाकर,
कभी इस दल में तो कभी उसे दल में बार-बार भागते फिरेंगे बन करके बागी|
-मनस्व