जो गुरु बतलाता है मनुष्य को कि क्या है असल में जीवन का मूल्य,
जो गुरु याद दिलाता है कि आत्मा के सिवा दुनिया में कुछ भी नहीं है बहुमूल्य,
अपने सभी शिष्यों के लिए और अपने सभी भक्त जनो के लिए,
सचमुच वह उसका अपना गुरु या फिर सद्गुरु होता है ईश्वर के ही समतुल्य|
-मनस्व