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देश की हालत है कितनी डावांडोल

Ramjeet pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सचमुच जो नेता पहन कर के दिन रात मेहनत और ईमानदारी का खोल,
        
                                                    
                            
पीट रहा हो बराबर देश की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था और विकास का ढोल,
यदि वही नेता कहे कि मेरा क्या मैं तो खाली झोला उठाकर चल पड़ूंगा,
तो जनता को समझ लेना चाहिए कि देश की हालत है कितनी डावांडोल|
-मनस्व
2 महीने पहले
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