यह सभी हिंदुस्तानियों को साथ ही अंग्रेजों को भी बहुत अच्छे से था पता,
गांधी के मान हेतु कांग्रेस खुद ही छोड़ दी और दुर्भाग्य से आजादी के पहले ही हो गए लापता,
अन्यथा जुर्मी अंग्रेजों से आजादी के लिए "तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा" जैसे,
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नारे सामने अहिंसा सत्याग्रह एवं सत्य का राग कोई नहीं अलापता|
-मनस्व