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अभी अभी तो आंख खुली है

Ramesh Bajaj

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अभी अभी तो आंख खुली है
        
                                                    
                            
और अभी अभी तो टुटा सपना
अभी अभी तो हुआ सबेरा
और अभी अभी तो जाग रहा हूं,

सुरूवात नयी है, विश्वास नया है
नया नया है ये सबेरा,
उम्मीद नयी है, जुनून नया है
नया नया है ये सफर,

राहे मुश्किल है, आसान तो कुछ भी नहीं
अभी दौडना जरुरी है, सोचना कुछ भी नहीं,
मीले जो राह मे उसे संजोये रखना है,
आज समय सबका है, बस कल अपना है,

उठ उठ कर गिरना, गिर गिर कर उठना,
तजुर्बा जिंदगी का यही सिखाता है,
टुटा सिर्फ सपना है, हकीकत में कुछ बनाना है,
जिंदगी खुद कि है, खुद को ही ढालना है,
फिर एक नया सबेरा है, और वह कल आपना है.
एक वर्ष पहले
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