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स्वर्ण कहे स्वर्णकार से मुझको दुख तब नाय

Ramanand Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            स्वर्ण कहे स्वर्णकार से मुझको दुख तब नाय, हेर-फेर करत जब मुझको आग तपाय-तपाय,
        
                                                    
                            
असल संताप होत तब मुझको, तुला मुझे जब रत्ती से जाय !!

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