दुनिया में बड़ा जहर है , यह जहर , हर शहर-शहर है , जहर आप रूप में तो होता ही है , किन्तु इसके और भी अनेकों रूप है , इसका ही एक रूप शहद है ........!
- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।
आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।