इमरोज अंजुमन में बैठे और सारे रिश्ते आसान होते गए
सबकी तकलीफों को सुनते रहे और अपने दबाते गए
हर एक तकलीफ, संजीदा हालातों का हल निकाल लिया मैंने
सबको एक सुर में पिरोया और उन सरगम को गाते गए
न कोई दर्द सुनाया न किसी से खुशी का इजहार किया
अन्दर के हर एक किस्से-कहानियों को थपकीयाँ दे सुलाते गए
ये सोच कर कि जिंदगी कुछ आसान हो जाएगी
अंजुमन में बैठे हर शख्स को गले से लगाते गए
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