विज्ञापन

गाँव की खूबसूरती

Rajiv Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुहावना मौसम, रिमझिम बरसात
        
                                                    
                            
बाइक चलाते हुए चेहरे पर
टिप-टिप गिरता पानी
और उनके जुल्फ़ों की छाँव
पिपरमिंट के खेत से आती महकती ख़ुशबू
सड़क के एक तरफ बहती नदी
तो दूसरी ओर बारिश में भीग कर
मासूमियत से खड़े आम के
पेड़ों का खूबसूरत नजारा...!

उस पर यह खूबसूरत शाम
और उनका साथ...!!

अहा! जिंदगी मस्त है और क्या चाहिए बस उनके साथ होने का एहसास हक़ीक़त में बदल जाये 


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
7 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anil Kumar

4215 कविताएं

View Profile

neetu Kumar

46 कविताएं

View Profile

Priyanshu Saini

1 कविता

View Profile