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वक़ार वक़्त का

Rajiv Tyagi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बेशक़ीमती धरोहर मिली हैं हमें
        
                                                    
                            
बुज़ुर्गों के हाथ की,
तस्वीरें हैं ये ज़िन्दा गुज़रे वक़्त के
वक़ार की,
आऐंगी नस्लें हमारे बाद भी
इस ज़मीन पर ,
क्या निशानियाँ छोड़ेंगे हम पीछे
अपने कमाल की?

 
2 महीने पहले
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