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पन्नों में सजा कर रखिये

Rajiv Tyagi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं फूल हूँ मुझे संभालकर अपने
        
                                                    
                            
साथ रखिये,
कुम्ल्हा जाऊँ तो एहतियात से
क़िताब में रखिये,
देता रहूँगा सूखकर भी ख़ुश्बुऐं
लम्हों की यदाकदा,
ख़ुशनुमा पल हूँ मुझे दिल के
पन्नों में सजा कर रखिये.

 
2 महीने पहले
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