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बे-ख़ता आंख

Rajiv Tyagi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दर्द बे-हद होता है जब आंख बे-ख़ता रोती है।
        
                                                    
                            
आंसू की क़ीमत सिर्फ आंसू से अदा होती है।।

 
एक घंटा पहले
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