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याद आती है

Rajeshwari Joshi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            याद आती हुई ख़ुशबू की तरह
        
                                                    
                            
दिल को महकाए रखती है,
दूर रहकर भी जाने क्यों
पास बुलाए रखती है।

बीते लम्हों की नरम धूप-सी,
मन पर उतरती रहती है,
सूनी आँखों के आँगन में
चुपके सपने भरती है।

कभी हवा के झोंके बनकर,
कभी चाँदनी बन जाती है,
तेरी याद की एक आहट
सारी रात जगाती है।

वक़्त भले ही दूर करे पर
रिश्ता कहाँ मिटता है,
सच्चा प्रेम तो ख़ामोशी में
और गहरा हो जाता है।

याद आती हुई ख़ुशबू की तरह
दिल को महकाए रखती है,
तू मेरी साँसों में अब भी
अपना मौसम लाए रखती है।

- राजेश्वरी
2 महीने पहले
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