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उतरन क्या है?

Rajesh Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हाँ मैं उतरन हूँ,
        
                                                    
                            
किन्तु आज भी आवरण हूँ,
कभी मैं भी किसी की प्रतिष्ठा थी,
आज एक यवनिका हूँ,
किसी समाज का सम्मान हूँ,
कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाओ,
उतरना सबको पड़ता है,
मैंने पतन से उत्थान को पाया है,
कल अहंकार थी आज मानवता हूँ,
मैंने उतरकर भी समाज सेवा की है,
मैंने आज भी किसी का आँचल ढका है,
कठोर शीत में भी रक्षा की है
कटने फटने तक साथ रहती हूँ,
किन्तु ये भी मेरा अंत नहीं है,
शोधन वस्त्रम बन जाती हूँ,
घरों की सफाई क़र देती हूँ,
समाज की सफाई नहीं क़र पाती हूँ
फिर उतरन बन जाती हूँ |
5 घंटे पहले
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