मैं हूँ भोला-भाला किसान
जो हरदम कहता मेरा भारत महान
नहीं चाहता मैं बंगला-कार
सिर्फ़ दे दो मुझको मेरे अधिकार
किसानों की आत्महत्या की खबरो से पटे पड़े अखबार
कर्जमाफी को फैसन बताते नायडू,सो रही भारत सरकार
अन्नदाता कहलाता हूँ
पर दो जुन की रोटी खुद चैन से नहीं खा पाता हूँ
प्रधान सेवक से कुछ उम्मीद लगाई थी
देखकर उनकी भी अनदेखी मैने गोली खाई थी
किसान-पुत्र हीं देश रक्षा मे गवा देते अपने प्राण
इसलिये बना रहा और बना रहेगा हमारा देश महान
देखकर-सुनकर भी किसानो की पीडा
नागर,कोई क्यो नहीं उठाता उनके उद्धार का बीड़ा
-राजेश नागर
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