विज्ञापन

स्वभिमान

Rajesh Bhojwal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            स्वाभिमान मेरा झुकने न पाए,
        
                                                    
                            
भूखा रहकर भी सेवा कर पाऊँ।
ये नेक विचार कभी मन से न जाएँ,
हर चेहरे पर मुस्कान सजाऊँ।

प्यार भरा जब मिले माहौल,
हर दुख का बोझ भी हल्का हो जाए।
इंसानियत की राह पर चलकर,
जीवन दूसरों के काम आ जाए। 
— राजेश भोजवाल 
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rajan

30 कविताएं

View Profile

Dn Chaubey

7450 कविताएं

View Profile