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दिल बेकरार है

Rajeev Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिल बेकरार है
        
                                                    
                            
उनके तलफ़्फ़ुज़ के
लफ्ज़ो की खूबसूरती में
खो जाने के लिए
पर उनको फ़िजा में
खामोशी पसंद है

मन चाहता है
उनकी बिखरी हुई
जुल्फों में खो जाना
पर उनको बालों में
गजरा सजाना पसंद है।

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले
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