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समय की धारा

Rajani Shakyawar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            समय की धारा
        
                                                    
                            

पूर्ण होने की, कुछ बनने की
क्रिया चलती रहती है,
मन में असंतोष बना रहता है,
इच्छाओं की प्यास पलती रहती है।

एक चाह पूरी होती है,
दूजी जन्म लेती रहती है,
समय की धारा बहती रहती है,
और ज़िंदगी गुज़रती रहती है।
— रजनी
3 घंटे पहले
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