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समय की धारा

                
                                                         
                            समय की धारा
                                                                 
                            

पूर्ण होने की, कुछ बनने की
क्रिया चलती रहती है,
मन में असंतोष बना रहता है,
इच्छाओं की प्यास पलती रहती है।

एक चाह पूरी होती है,
दूजी जन्म लेती रहती है,
समय की धारा बहती रहती है,
और ज़िंदगी गुज़रती रहती है।
— रजनी
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2 घंटे पहले

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