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नज़रों से नज़र मिलाकर

Rajani Shakyawar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नज़रों से नज़र मिलाकर
        
                                                    
                            

ऐसा जीवन जीने की कोशिश करो,
कि अपना फ़ोन, अपनी कहानी,
अपना चेहरा न छिपाना पड़े।

नज़रें मिलाने लायक रहो,
कि किसी से नज़र मिलाकर
बात कर सको—
यही तो सच्चे जीवन की उपलब्धि है।

तुम्हारा ख़ाता देखने
कोई नहीं आएगा,
मगर तुम्हारा व्यवहार
हर किसी को दिखाई देगा।

इसलिए दुनिया से पहले
ख़ुद से नज़र मिलानी है,
समाज तो बाद की बात है—
ज़िंदगी की असली जीत यही है,
कि आईने में खड़े होकर भी
नज़रें झुकानी न पड़ें।
— रजनी
एक महीने पहले
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