दुख ऐसा देना
दुःख वो देना कि छाती फट जाए,
और छाती वो देना
कि कैसा भी दुःख झेल जाए।
ज़िंदगी अगर इम्तिहान ले,
तो हौसला इतना देना
कि आँसू आँखों तक आएँ,
मगर हिम्मत न टूट पाए।
रास्ते चाहे कितने कठिन हों,
कदम रुकने न पाएँ,
दर्द चाहे कितना गहरा हो,
हम उससे हार न जाएँ।
ऐ ज़िंदगी,
दर्द कम मत करना,
बस दिल इतना मजबूत करना
कि हर दर्द के बाद
हम पहले से ज्यादा मजबूत बन जाएँ।
-रजनी