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बिछड़ने का इरादा

Rajani Shakyawar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बिछड़ने का इरादा
        
                                                    
                            

बिछड़ने का इरादा है उसका,
मगर वह ज़ाहिर नहीं करता,
सीधे कह दे कि जाना है,
इतनी हिम्मत भी नहीं करता।

वह कम बात करता है,
दूरी बढ़ाता जाता है,
ऐसे हालात बनाता है
कि मैं ही उससे दूर हो जाऊँ।

शायद वह चाहता है
कि फैसला मेरे नाम हो जाए,
वह निर्दोष बना रहे
और रिश्ता भी खत्म हो जाए।

मगर उसे क्या पता,
खामोशी भी बहुत कुछ कहती है,
जो बात होंठ नहीं कहते,
वह बदलती हुई दूरी कह देती है।
— रजनी
एक घंटा पहले
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