विज्ञापन

अभी तूफ़ान बाकी है

Rajani Shakyawar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अभी तूफ़ान बाकी है
        
                                                    
                            

तू सोचता होगा कुछ यूँ ही अपने मन में,
अब नहीं रही कोई प्यास मेरे तन में।
यह भी सोचता होगा—
मुझे पाने की आग भी बुझ गई होगी,
चाहत मेरी कहीं थम गई होगी।

तुझे पता नहीं,
अभी तो धुआँ उठा है मेरे मन में,
अभी तो चाहत का तूफ़ान बाकी है।
तूने समझ लिया होगा सब ख़त्म हो गया,
मगर मेरे भीतर अभी अरमान बाकी है।

तू क्या जाने मेरे दिल की गहराई,
अभी तो ख़्वाहिशों की रात बाकी है,
अभी तो तेरे तन में भी
मेरे होने की एक चाह बाकी है।
— रजनी
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3563 कविताएं

View Profile