ऐ लिखाई
सब तेरे ख़ातिर
ऐ ख़ुदाई
मुझे ला दे सही राह पर
मन की सेहत...
दे दो मुझे
पसंद की जन्नत...
हो पैरों तले
एक बार में संकल्प... हो जाए गर... ?
तमाम तरह के डर... छोड़ जाएं घर...
उन सबको, उनकी, ख़ूबसूरती मुबारक
मुझे हो नसीब... सब्र, यक़ीन की बौछार...
और रहे,
मेहनत करने की आदत!
और रहे,
सिर्फ़ आपका नाम ज़ुबां पर...
-राहुल
.