कितने दिन और...
काम का इंतिज़ार करना है?
जो मिला...
क्या रोज़गार भाना है?
कब तक, ना-नुकर कर, भिनभिना है
नींद नहीं
थकान नहीं
शोरगुल नहीं
लगे, कुछ, शूल वही...
कम दफा, ऐसा मौका आया है...
फिर क्यों इस शांति को गंवाना है?
कहीं नहीं, इस जगह से जाना है!
-राहुल
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