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मैं भी फिर कर पाऊंगा, इस जग में कुछ उक्ति

Rachana Jain

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अम्मा मुझको दिलवा दो इस फोन से मुक्ति
        
                                                    
                            
मैं भी फिर कर पाऊंगा, इस जग में कुछ उक्ति ।।
सपने बहुत देखता हूं मैं
गौरवशाली इतिहास रचूंगा
कर दूंगा मैं कुछ ऐसा
अपने पर ही घमंड करूंगा
सारी बातें रह जाती हैं
फोन में जब मैं घुस जाता हूं
गेम, रील मैं खो जाता हूं
मैं सुध बुध अपनी खो जाता हूं
फिर ना आये नजर मुझें कुछ
जादू इसका चल जाता है
इतिहास रचूंगा कल से मैं फिर
ख्वाब मेरा बस टल जाता है
इसके आगे बस कोई ना दिखता
जाने इसकी कैसी माया है
सारा दिन बस इसके संग ही
यही मेरा मित्र सखा है
कल से ना इसको छूओगा
मन में यह संकल्प लिया है
पर वो कल, कल ही रहता है
इसने मुझ पर जादू किया है
अम्मा मुझे दिला दो इससे मुक्ति
फिर ,मैं भी करूंगा जग में कुछ युक्ति
पर अम्मा तुम ,तुम मुझसे भी ज्यादा
इससे प्यार हो करती
मेरे साथ कुछ पल ही बिताती
पर इसको हाथों में इसको धर ती
फुर्सत नहीं जब किसी को इससे
कैसी जग में नाम करेंगे
अम्मा अब बस तुम ही बता दो
कैसे अब हम काम करेंगे

 
8 घंटे पहले
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