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गरीबी अमीरी या फ़कीरी

Rabindra Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ये गरीबी अमीरी या फ़कीरी कौन सुखी है ये कौन जानता है,
        
                                                    
                            
किस के जिंदगी में क्या व्यथा है उनके दुखो में क्या समानता है,
ये कौन जानता है, कौन जानता है,

कोई मखमलों में करवट बदलता है,
कोई झोपडी में खर्राटे भरता है,

महलों में भी रो रहे है लोग ,
झोपडी में भी मुस्कराते रहता है,

ये गरीबी अमीरी या फ़कीरी कौन सुखी है ये कौन जानता है,
किस के जिंदगी में क्या व्यथा है उनके दुखो में क्या समानता है,
ये कौन जानता है, कौन जानता है,

किसी के लिए बड़ा अस्पताल है ,जाँच पर जाँच नित् हो रहा है,
कोई इससे दूर खड़े अपने माथे में भिक्स घस रहा है,

दोनों की बीमारी एक जैसा दोनों को ही सिरदर्द हो रहा है,
एक में भय बहुत है,एक निर्भय होकर हँसता है,

ये गरीबी अमीरी या फ़कीरी कौन सुखी है ये कौन जानता है,
किस के जिंदगी में क्या व्यथा है उनके दुखो में क्या समानता है,
ये कौन जानता है, कौन जानता है,

कोई BMW कार में आता है चिकित्सक को अंग्रेजी में बताता है,
कोई पैदल चल कर अlतl है चिकित्सक को हिंदी में हाल सुनाता है,

वही फ़क़ीर बिंदास. होकर गुनगुनाता है,

ये गरीबी अमीरी या फ़कीरी कौन सुखी है ये कौन जानता है,
किस के जिंदगी में क्या व्यथा है उनके दुखो में क्या समानता है,
ये कौन जानता है, कौन जानता है,

कोई मेहनत कर खाता है,कोई खाकर मेहनत करता है,
कोई खाने के लिए नित् दिनभर घर घर घूमता है,

ये गरीबी अमीरी या फ़कीरी कौन सुखी है ये कौन जानता है,
किस के जिंदगी में क्या व्यथा है उनके दुखो में क्या समानता है,
ये कौन जानता है, कौन जानता है,
3 वर्ष पहले
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