विज्ञापन

युद्ध

Pushpa Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            युद्ध होता तो आर
        
                                                    
                            
पार होता,
ये क्या पटाखा फुस्स हुआ।
अच्छा समय था
Pok अपना होता ।
जो छीना था हमारा होता।
खून की होली तो खेल
लेने देते जांबाजों को
कितना अच्छा होता।
पाक को नाक तो रगड़वा
देते तो कितना अच्छा होता।
जो सपूत चले गए
कम से कम आत्मा को
शांति तो मिलती।
ये युद्ध दो चार दिन और
होता तो कितना अच्छा होता।
-पुष्पा गुप्ता
एक वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Chaturvedi

183 कविताएं

View Profile