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पुरुके सामाजिक दोहे

Purshottam Shrivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कलजुग में पग पग मिलें,  घोषित स्वयं नरेश।
        
                                                    
                            
मंत्र,  तंत्र को मशवरा, फैलाएं भ्रम,  क्लेश।।
-----पुरुषोत्तम श्रीवास्तव 'पुरु'
एक घंटा पहले
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Sanjai kumar

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