विज्ञापन

डाॅ. पुरुषोत्तम श्रीवास्तव 'पुरु' के दर्शन पर दोहे

Purshottam Shrivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पुष्प-गंध सी प्रीति हो, जीवन को महकाय।
        
                                                    
                            
करे  किसी से द्वेष ना , ना कोई  लिपटाय।
 
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3563 कविताएं

View Profile