उन यादों में ही रहने को,
जी चाहता है । जब
हम एक साथ रहा करते थे।
दिल की जो भी बातें हो,
एक- दुजे से कहा करते थे।
बडा़ ही बारिकी से,
दिल की दांस्ता सुना करते थे।
अब अफसोस हम वो नहीं, जो
कभी रहा करते थे। लेकिन
अन यादों में रहने को,
जी चाहता है । जब
हम एक- साथ रहा करते थे।
-प्रीति गौतम