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अफसोस है मुझे।

Priti Gautam

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अफ़सोस है मुझे इस बात का,
        
                                                    
                            
कि तुझसे किये वादों को मैंने निभाया क्युं नही।
तेरे लिए दिल में चाहते अब भी है,
पर मैंने जताया नही।
एक तु ही था जिससे सब कुछ कहना चाहता था,
पर तुझी से दिल के किस्से को सुनाया नही।
तुझे मेरी बेचैनी का एहसास ही नही था,
शायद इसलिए अपनी मन की बातों को
तुझसे बताया नही।
काश मेरे जख्मों के मरहम होते तुम,
पर तुमने तो हमें अपना बनाया ही नहीं।
मेरी आँख आशुओं से लाल होती रही,
पर तेरे सामने आंशु का एक कतरा भी
मैने बहाया नहीं।
ना जाने तेरे दिल में क्या था,
जो तुमने एक पल में हमें पराया कर दिया
और एक हम थे जो एक तेरे सिवा
किसी और को दिल से अपनाया नहीं।
तेरा तु जाने पर,
मेरे दिल में तेरे लिए मोहब्बत सच्ची थी
जो अब तुझे और तेरी यादों को मैंने भुलाया नहीं।
हां दिल में एक कसक भी है कि
साफ़ साफ़ मैंने तुझे सब कुछ बताया क्यूँ नहीं।
शायद इसलिए ,
अफसोस है मुझे इस बात का,
कि तुझसे किये वादों को
मैंने निभाया क्युं नही।।
-प्रीति गौतम
7 घंटे पहले
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