कहानी एक लड़के और एक लड़की की है।
दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे।
एक दिन लड़की मुस्कुराते हुए बोली,
“सुनो न… एक चैलेंज है तुम्हारे लिए।
क्या तुम सिर्फ एक दिन मेरे बिना रहकर दिखा सकते हो?
न कॉल, न मैसेज।
अगर तुमने कर लिया… तो मैं तुम्हें हमेशा प्यार करती रहूँगी।”
लड़का हँसते हुए बोला,
“बस इतना-सा? बिल्कुल कर लूँगा।”
उसने चैलेंज मान लिया।
उस दिन लड़का पूरा दिन ख़ामोश रहा।
न उसने कॉल किया, न मैसेज।
दिल तो कई बार चाहा कि बात कर ले,
लेकिन उसने सोचा—
बस एक दिन का ही तो चैलेंज है।
कल मिलकर उसे सरप्राइज़ दूँगा।
अगली सुबह वह फूल लेकर, चेहरे पर मुस्कान लिए उसके घर पहुँचा।
दिल में बस एक ही बात थी—
“I did it baby… मैं जीत गया!”
लेकिन जैसे ही उसने दरवाज़े पर कदम रखा—
वहाँ सब लोग रो रहे थे।
और सामने…
वह लड़की सफ़ेद कपड़ों में लेटी हुई थी।
आँखें हमेशा के लिए बंद।
हाँ… उसके पास सिर्फ 24 घंटे बचे थे।
वह कैंसर से लड़ रही थी।
और उसने अपनी ज़िंदगी का आख़िरी दिन
उसे परीक्षा देने के लिए नहीं,
बल्कि एक याद बनाने के लिए दिया था।
उसके पास एक छोटी-सी चिट्ठी मिली—
“You did it baby… अब यह हर दिन करते रहना।
I love you.”
लड़का घुटनों पर गिर पड़ा।
आँसू रुक ही नहीं रहे थे।
वह चैलेंज तो जीत गया था…
पर जिसे जीतकर दिखाना था,
वह हमेशा के लिए जा चुकी थी।