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गरीब अपनी आंखों में दर्द छुपाए

Prince

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ओ भारत के बेटों, भारत तुम्हे पुकार रहा है
        
                                                    
                            
इसकी करुण वेदना सुनो, तुम्हारा यौवन तुम्हे ललकार रहा है

है भारत मां की आन पे आई
अंधकार के बादल छाए
अपनी मां के ये पुकार
कैसे न तुमको तड़पाए

चारों तरफ हाहाकार है
अन्याय का ही राज है
अब तो लगत है कि जैसे
अमीरों का ही स्वराज है

हर दिन हत्या लूटपाट
हर दिन एक चिराग बुझता है
गरीब अपनी आंखों में दर्द छुपाए
मन ही मन में रोता है

घूसखोर बन चुके है
सारा तंत्र सारे अधिकारी
अपने लिए ही जीते हैं
भूल गए हैं अपनी जिम्मेदारी

भारत को जरूरत है तुम्हारी
ओ भारत के युवा वीर
अब तुम्हारे हाथ में ही
है भारत की तकदीर

खुद के लिए लड़ना सीखो
एक होकर नारा लगाओ
साथ मिलकर भारत बचाओ
हम भी आए,तुम भी आओ
एक महीने पहले
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Manju Sharma

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