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यादों का कारवां

Prem Narayan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            करके जीना हराम खुशियां सारी मिटाना पड़ेगा मुझसे फासला बढ़ाने वाले कांटों की राह पर चलना पड़ेगा
        
                                                    
                            
बदनसीबों को खुशियां जल्दी मिलती कहां मिल कर तुमसे इक बार दिया जो दर्द बेशुमार तुने कहना पड़ेगा
तुम्हें भी शायद मेरी कोई जरूरत नहीं बढ़ा कर हौसला चल के दो कदम साथ तेरे मिजाज़ समझना पड़ेगा
आकर करीब तेरे ये सोचा ना मैने फासला कभी बढ़ाना पड़ेगा समझ कर अंदाज़ आपका दर्द कहना पड़ेगा
जाओ चिराग़ मत करो तुम और मनमानियां खाकर ठोकरें बार बार हमें अब अंदाज जीने का बदलना पड़ेगा
2 घंटे पहले
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