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यादों का कारवां

                
                                                         
                            करके जीना हराम खुशियां सारी मिटाना पड़ेगा मुझसे फासला बढ़ाने वाले कांटों की राह पर चलना पड़ेगा
                                                                 
                            
बदनसीबों को खुशियां जल्दी मिलती कहां मिल कर तुमसे इक बार दिया जो दर्द बेशुमार तुने कहना पड़ेगा
तुम्हें भी शायद मेरी कोई जरूरत नहीं बढ़ा कर हौसला चल के दो कदम साथ तेरे मिजाज़ समझना पड़ेगा
आकर करीब तेरे ये सोचा ना मैने फासला कभी बढ़ाना पड़ेगा समझ कर अंदाज़ आपका दर्द कहना पड़ेगा
जाओ चिराग़ मत करो तुम और मनमानियां खाकर ठोकरें बार बार हमें अब अंदाज जीने का बदलना पड़ेगा
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एक घंटा पहले

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