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तमन्ना ए बेचैन दिल

Prem Narayan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मिटा कर अरमां सारे फलसफा जिंदगी का हमें
        
                                                    
                            
सोचना पड़ेगा ना रही जिंदगी किसी काम की सहना पड़ेगा

भटक कर कांटों की राह पर मिला कब सकूं किसी को
हर खुशी मेरे लिए नाखुशी है ये सच सोचना पड़ेगा

करके गुफ्तगू तुमसे चैन ओ सकूं खोना पड़ा हम खुश है
अपने हाल पर बिछड़ कर तुमसे ये कहना पड़ेगा

दिल घायल बहुत ये सच आप जानते नहीं जान कर हम
मनमानियां आपकी चिराग़ ए दिल बुझाना पड़ेगा

मेरी खुशी आपने कभी अपना जाना कहां करके
गुफ्तगू आपसे ख्वाब में फिर भी दर्द हमें पालना पड़ेगा
2 महीने पहले
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