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चुप रह कर इज़हार किया मैंने आप से

Prem Narayan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमीं से ही रुसवा कर दिल मेरा जलाया आपने मगर मेरा कसूर है क्या ये तो कभी नहीं बताया आपने
        
                                                    
                            
सच तो ये है आग नफरत की जलाया है आपने मगर कभी मेरा नीयत ए शौक नहीं आजमाया आपने
मुकर कर मुझसे हाल ए दिल भी दिल जलाया है आपने मगर चिराग ए मोहब्बत नहीं जलाया आपने
सच कहने का हौसला भी मुझसे छीन लिया आपने मगर पुरानी तस्वीर कभी हमें नहीं दिखाया आपने
चुप रह कर इज़हार किया मैंने आप से और सितम अब ये जीने का हुनर तो हमें नहीं सिखाया आपने
10 घंटे पहले
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Prasoon Saxena

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