बड़े सलीके से तुमसे ही अर्ज करना है जो खोया मैने तुम्हें दिल देकर हमें वो हिस्सा तेरे दिल से कायदे से निकालना है
ये रूह भी जो दफन है बरसों से गर तुम ही मदद करोगे तो हमें बदन के मलवे से कोशिश कर इसे जिंदा निकालना है
सोच कर गम शनास न मिल जाए कहीं बेच के सुखन भी जीने खातिर अब हमें दिल तोड़ के भी तुमसे दिल लगाना है
वक्त से धोखा भी हम खाए तुम्हें बतलाना है मैं इक किरदार से तंग आ चुका हूं गर तुम्हें मिले फुर्सत तो हमें बताना है
कभी दिल में ख्याल आया निभा कर अहद ए वफा मिला क्या हमें बैठे भी हैं बेचैन कब से ये सच भी तुम्हें जानना है