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भुला कर तुम्हें गुनाह मैं भी कर सकता

Prem Narayan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            करके इनकार वफाएं सारी खुद को खुदा समझने लगे समझ कर हमें गैर मोहब्बत मेरी तुम नाकाम करने लगे
        
                                                    
                            
हम इतने खुशनसीब जो सामने तेरे दर्द कुछ कह पाऊं करके तुम अब कोशिश नाकाम हमें बदनाम करने लगे
मुश्किलें मेरी होती आसान कहां ये तुम भी जानते हो समझ के अंदाज़ आपका बढ़ा के दर्द गिला अब करने लगे
हालांकि आकर तमन्नाओं के बहकावे मे चोट बहुत खाए गुज़ार कर जिंदगी किसी तरह सामने अब तेरे हसने लगे
भुला कर तुम्हें गुनाह मैं भी कर सकता नहीं बढ़ा के अरमां दिल के राह ए तलब दर्द कुछ और हम तुमसे कहने लगे
10 घंटे पहले
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Prasoon Saxena

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