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अंदाज़ ए तराना ए उल्फत

Prem Narayan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            करूंगा जब भी फैसला आपके फितरत का दर्द छुपा पाऊंगा मैं नहीं बढ़ा कर गम कुछ और सच सारा तुम्हें बता जाऊंगा
        
                                                    
                            
मेरी नादानी मेरी महरूमी ने दिया दर्द हमें ही बहुत राह ए वफा देकर तुम्हें इम्तिहान अपना दर्द ए वफा मैं सुना जाऊंगा
जानता हूं बढ़ा कर तुम बेरुखी दर्द कुछ और मेरा बढ़ा जाओगे सीख के जीना घुट घुट कर बेचैन दिल मैं सता जाऊंगा
मिले हो इस बार करके इक अहसान मुझ पर होकर सामने तेरे बुझा कर दिया आस का दर्द सारा मैं अब सुना जाऊंगा
लाकर दिल में आपको चैन ओ सकूं खोना पड़ा है और सुना के तुम वादे हजार करके हमें मायूस खुशियां मिटा जाओगे
2 महीने पहले
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