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अंदाज़ ए बेचैन ख्वाहिशें

Prem Narayan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमीं से ही रुसवा कर दिल मेरा जलाया है आपने मगर मेरा कसूर है क्या कभी नहीं बताया आपने
        
                                                    
                            
सच ये कि नफरत की आग भी जलाया है आपने मगर मेरा नीयत ए शौक नहीं आजमाया आपने
मुकर कर हाल ए दिल मेरा ही दिल जलाया है आपने मगर चिराग ए मोहब्बत नहीं जलाया आपने
सच कहने का हौसला भी छीन लिया है आपने मगर अपनी पुरानी तस्वीर कभी नहीं दिखाया आपने
चुप रह कर इज़हार किया मैंने आप से और सितम ये भी कि जीने का हुनर हमें नहीं सिखाया आपने
8 घंटे पहले
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