विज्ञापन

अफसाना ए दर्द ए दिल

Prem Narayan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुना कर बात दिल की हम गुजारिश तुमसे अक्सर किया करते थे है तलख फसाने जिंदगी के हम कहा करते थे
        
                                                    
                            
तेरी गली में लोग थे दुश्मन मेरे पी के हम अरमां के आंसू सामने तेरे अक्सर दर्द अपना सुनाने हम आया करते थे
दर्द के फूल बिखर जाते थे जख्म जैसा हो अक्सर भर जाते थे और फेर कर नजर तुम भी गुजर जाया करते थे
जब चाहा तुमने भुला के बढ़ा दिया फासला जिस तरह आज तू बिछड़ा है उसी तरह से पहले भी किया करते थे
देख के बेरुखी घुट घुट आंसू पीना पड़ा हमें ऐ जिंदगी किया है महसूस अक्सर जख्म ऐसे हमें तुम दिया करते थे
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Shivam Awasthi

3 कविताएं

View Profile