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नशा हिन्दुस्तान की शान का

prem bajaj

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माटी तेरी गहना मेरा, मेरे मन में हिन्दुस्तान है,
        
                                                    
                            
मेरी हर सांस में तू, तू ही मेरा अभिमान है,

जीना है तो देश की खातिर इसके लिए ही मरना है,
देश के काम न आए जो तन, उस तन का क्या करना है,

तिरंगे से है शान मेरी, तिरंगा मेरी जान है,
बिक जाऊॅं तिरंगे की खातिर जान इसपे कुर्बान है,

जिन वीरों ने सर कटाए अपने, उनको मेरा प्रणाम है,
धन्य हैं वो माऍं जिनकी सन्तान देश पर कुर्बान है,

मस्तक तिलक लगाकर बहने भेजें भाईयों को सरहद पर,
मिट्टी पर करके जान कुर्बान बहन के सुत्र का रखता वो मान है,

रहता जूनून उनको सदा मातृभूमि के तिरंगे के मान का,
खून में उनके बहता नशा हिन्दुस्तान की शान का,

किस तरह चुकाएंगे हम क़र्ज़ देश के उन शूरवीरों का,
पास नहीं ऐसी वाणी मेरे जो गान करूं उन वीरों का।

-प्रेम बजाज 
एक वर्ष पहले
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