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इस बार दिवाली देखो ऐसी आये, हर घर में, हर हाथ दिया जलाये

Prasoon Saxena

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इस बार दिवाली देखो ऐसी आये,
        
                                                    
                            
हर घर में, हर हाथ दिया जलाये,
मन के मैल सबके धुल जाएं,
मन से मन देखो मिल जाएं,
मन में सबके स्नेह जगाए,
हर घर दिवाली,उजाले स्नेह के लाए.

इस बार दिवाली देखो अपनापन लाए,
अकेले रह रहे बूढ़े माता-पिता के,
अपने आकर आंसू पोंछे......
होठों पर उनके मुस्कुराहट आये,
दूर जो हैं बहू-बेटे,छोटे बच्चे,
माता-पिता के साथ दिवाली मनायें,
हर परिवार में दिवाली,उजाले स्नेह के लाए.

इस बार दिवाली पर शिकवे मिट जाए,
बिखर गए हैं जो रिश्ते,फिर जुड़ जाएं,
छोड़ अहंकार,सुनें बात दूसरों की,
एक दूसरे को समझ कर,बात बन जाए,
अपनी गलती स्वीकार कर,गले लग जायें,
हर एक रिश्तों में दिवाली,उजाले स्नेह के लाए.
3 दिन पहले
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