हाल कैसा देखो दोस्तों
इस देश का मेरे
कल तक थे जो भिखारी
आज बन गए वो एमएलए
कोई पहचान न उनकी
कोई है बात न उनकी
झूठे वादे करते हैं
घुस आबाद है जिनकी
है जिनके पेट में दाढ़ी
न ही कोई शब्द आता है
भासन को समय जिसको
बोलकर दस्त आता है
जिनकी साक्षरता खरीदी हुई
रिश्वतों से बनी होती
वो पद में आज बन बैठे
देखो शिक्षा के मंत्री जी
महंगाई कम मैं कर दूंगा
एक नेता ये कहता है
दलालों का मसीहा है
ये लुटियचोार लगता है
जो महनत की हैं कहते वो
उन्हें सस्पेंड करता है
दलालो को हमेशा ही
वो परमानेंट करता है
चुनावों के समय रैली
वो हज़ारों बार करता है
जीतने के बाद वो हरदम
हे बंटधार करता है
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