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कुछ तुम बदल गए, कुछ मैं बदल गया

prashant gouryan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कुछ तुम हँस लिए,
        
                                                    
                            
कुछ मैं रो लिया,
कुछ तुम नाराज़ हो गए,
कुछ मैंने मना लिया।

कुछ तुम मदहोश हो गए,
कुछ मैं दीवाना हो गया,
आए फिर कुछ ऐसे पल,
कि हर पल तुम्हारा हो गया।

फिर वक्त ने करवट बदली,
ख्वाबों का मौसम खो गया,
तुम वहीं कहीं ठहर गए,
और मैं तुमसे जुदा हो गया…

रिश्ता तो आज भी दिल में है,
बस साथ हमारा खो गया…
कुछ तुम बदल गए,
कुछ मैं भी बदल गया,
और देखते ही देखते…
मेरा तुमसे, तुम्हारा मुझसे,
एक खूबसूरत रिश्ता जुदा हो गया।
2 महीने पहले
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