शिक्षार्थी हो तो प्रथम शिक्षा का मूल तुम जान लो,
है मूल इसका क्या रहा यह, भाव भी पहचान लो,
जीवन में है क्या महत्व शिक्षा के प्रभाव का,
सर्व प्रथम इस विधा के मूल को पहचान लो,
मिल गयी जो हताशा ग़र हो गए विफल ही तुम,
तो सफलता के मूल मंत्र की विधा को तुम जान लो
शिक्षार्थी हो तो प्रथम शिक्षा का मूल तुम जान लो,
है मूल इसका क्या रहा यह, भाव भी पहचान लो,
-प्रमोद श्रीवास्तव