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नकली चेहरा

Prakriti

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गलत को गले लगाते हैं
        
                                                    
                            
गलत की पीठ
थपथपाते हैं।

पीठ थपथपाने वाले कोई
और नहीं अपने ही थे जो
बनकर हमारे अपने और
खेल खेलें जा रहे थे।

और अंदर से रखकर वैर
बाहर से हंसे जा रहे थे।

भेद खुले सबके आखिर
नकली चेहरा कब तक
छुपाओगे। एक वक्त बाद
सबके चेहरे वक्त सामने
ले आता है।

कभी माफ नहीं करेगा ईश्वर
एक एक को देखेगा हम भी
इंतजार में हैं अब आपकी
बारी के इन्तजार में है हम।

ईश्वर के घर देर है अंधेर नहीं।
होगा फैसला होगा एक दिन
उस पर छोड़ दिया है सब।
2 घंटे पहले
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